नई दिल्ली/अक्षर सत्ता/ऑनलाइन। केंद्र सरकार द्वारा पास किये गए नए कृषि विधयकों के विरोध में 25 सितंबर को पंजाब बंद का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पंजाब के किसान संगठनों के साथ देशभर से 31 से ज्यादा किसान संगठन साथ आने को तैयार हुए हैं।
25 सितंबर के पंजाब बंद की शुरूआत अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति की ओर से की जाएगी। इसके साथ ही किसान मजदूर संघर्ष समिति ने 24 से 26 सितंबर के बीच रेल रोको आंदोलन का आह्वान भी करेगी।
शामिल हुए 31 संगठन
किसानों के साथ सड़कों पर उतर कर विरोध करने वाले क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने बताया कि इस बंद को समर्थन देने वालों में मुख्य तौर पर भारती किसान यूनियन (क्रांतिकारी), कीर्ति किसान यूनियन, भारती किसान यूनियन (एकता उगराहां), भाकियू (दोआबा), भाकियू (लाखोवाल) और भाकियू (कादियां) आदि संगठन शामिल हैं।
वहीं, भारतीय किसान यूनियन की तरफ से भी कहा है कि वो अपने हक की लड़ाई लड़ेगा और अब पीछे हटने वाला नहीं है। साथ ही चेतावनी देते हुए कहा है कि किसान इन बिलों के विरोध में 25 तारीख को पूरे देश से सड़कों पर उतरेगा और जब तक कोई समझौता नहीं होगा तब तक पूरे देश का किसान सड़कों पर रहेगा।
क्यों हो रहा है विरोध
दरअसल, किसान चाहते हैं कि सरकार एमएसपी तय करते वक्त उत्पादक की लागत, मांग-आपूर्ति, इनपुट आउटपुट मूल्य में समानता, दाम में बदलाव जैसी शर्तों और नियमों को बना रहने दे। लेकिन सरकार इसे बदल रही है भले ही वो इस बात को न माने लेकिन किसान सरकार के इस बिल से बेहद नाराज हैं और अनुमान है कि ये मामला और आगे जाएगा।
क्या है ये बिल
इस विधयक के पास होने से किसान उपज व्यांपार एवं वाणिज्ये (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020 में किसान और व्या पारी विभिन्नज राज्यय कृषि उपज विपणन विधानों के तहत अधिसूचित बाजारों के भौतिक परिसरों या सम-बाजारों से बाहर पारदर्शी और बाधारहित प्रतिस्प र्धी वैकल्पिक व्याापार चैनलों के माध्यहम से किसानों की उपज की खरीद और बिक्री लाभदायक मूल्योंं पर करने से संबंधित चयन की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
किसान (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) का मूल्य आश्वांसन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक, 2020 में कृषि समझौतों पर राष्ट्री य ढांचे के लिए प्रावधान है, जो किसानों को कृषि व्यापार फर्मों, प्रोसेसरों, थोक विक्रेताओं, निर्यातकों या बड़े खुदरा विक्रेताओं के साथ कृषि सेवाओं और एक उचित तथा पारदर्शी तरीके से आपसी सहमति वाला लाभदायक मूल्यल ढांचा उपलब्ध कराता है।
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