सिविल सेवा में चयन का दावा : मध्य प्रदेश के आयशा समेत 2 उम्मीदवारों पर होगी कार्रवाई !



नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा में कथित रूप से चयन का दावा करने वाले दो उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक और अनुशासनात्मक दंडात्मक कार्रवाई पर विचार कर रहा है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार यह मामला आयशा मकरानी (मध्य प्रदेश) और तुषार (हरियाणा) से संबंधित है, जिन्होंने फर्जी तरीके से दावा किया है कि आयोग द्वारा सिविल सेवा परीक्षा 2022 में वास्तव में अनुशंसित उम्मीदवारों के दो रोल नंबर के विरूद्ध चयन के लिए उनके नामों की सिफारिश की गई है।

यूपीएससी द्वारा शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया, ‘दोनों व्यक्तियों के दावे झूठे हैं। उन्होंने अपने दावों को साबित करने के लिए अपने पक्ष में जाली दस्तावेज बनाए हैं।' ऐसा करके, मकरानी और तुषार ने केंद्र नियमों का उल्लंघन किया है। बयान के मुताबिक, इसलिए परीक्षा नियमों के प्रावधानों के अनुसार, यूपीएससी दोनों के खिलाफ उनके धोखाधड़ी के कृत्यों के लिए आपराधिक और अनुशासनात्मक दंडात्मक कार्रवाई पर विचार कर रहा है। बयान में कहा गया, ‘यूपीएससी की प्रणाली मजबूत होने के साथ-साथ पूरी तरह चाक चौबंद है और ऐसी त्रुटियां संभव नहीं हैं।'

यूपीएससी के अनुसार हरियाणा के रेवाड़ी के बृजमोहन के पुत्र तुषार के मामले में, उसने सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2022 के लिए आवेदन किया था और इस परीक्षा के लिए उसे रोल नंबर 2208860 आवंटित किया गया था। वह प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हुआ और उसने सामान्य अध्ययन के पेपर-एक में माइनस 22.89 अंक और सामान्य अध्ययन के पेपर-2 में 44.73 अंक हासिल किए। परीक्षा नियमों के अनुसार, उन्हें पेपर-दो में कम से कम 66 अंक प्राप्त करने की आवश्यकता थी। बयान में कहा गया कि इस प्रकार, तुषार प्रारंभिक परीक्षा के चरण में ही विफल हो गया और परीक्षा के अगले चरण में आगे नहीं बढ़ सका। 

बयान में कहा गया, ‘दूसरी ओर, यह पुष्टि की जाती है कि बिहार के निवासी अश्विनी कुमार सिंह के पुत्र तुषार कुमार, जिनका रोल नंबर 1521306 है, वास्तविक उम्मीदवार हैं, जिन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में 44 वां रैंक हासिल किया है।' 

इसी तरह आयशा मकरानी (मध्य प्रदेश) भी प्रारंभिक परीक्षा में विफल हो गई थी।

यूपीएसी का रिजल्ट जारी होने के बाद रेवाड़ी के सती कॉलोनी के तुषार कुमार ने दावा किया था कि उसने 44वां रैंक प्राप्त किया है। यूपीएससी द्वारा जो सूची जारी की गई, उसमें केवल रोल नंबर 1521306 और नाम तुषार कुमार अंकित था। जिसके चलते रेवाड़ी के तुषार ने स्वयं को 44वें रैंक पर उत्तीर्ण बताते हुए जश्र मनाया। उसने 1521306 रोल नंबर वाला अपना इंटरव्यू कार्ड भी दिखाया था। तुषार द्वारा 44वां रैंक प्राप्त करने पर लोगों ने उसे बधाइयां दी और सम्मानित किया।

खुशी के माहौल में उस समय निराशा छा गई, जब भागलपुर बिहार के तुषार कुमार ने 44वां रैंक अपना बताते हुए रेवाड़ी के तुषार को फ्रॉड करने का केस भुगतने की चेतावनी दी। उसका रोल नंबर भी 1521306 था। विवाद उठने से परेशान रेवाड़ी का तुषार सच जानने के लिए दिल्ली स्थित यूपीएससी मुख्यालय के लिए बुधवार को घर से निकला था। उसके बड़े भाई राहुल सैनी ने कहा कि घर से जाते समय उसने अपनी भाभी से कहा था कि वह असलियत पता लगाने के लिए दिल्ली जा रहा है, पीछे से घर का ख्याल रखना। लेकिन दो दिनों से उसका कोई अता-पता नहीं है। उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है। जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई है।

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