कालाबाजारी करने वालों से सख्ती से निपटेगी सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐलान किया है कि उर्वरक की मांग में इज़ाफ़ा होने पर कालाबाजारी, अवैध भंडारण, और नकली उर्वरक निर्माण की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की सहायता से निगरानी और निरीक्षण व्यवस्था को और भी सशक्त किया जाएगा। इसके साथ ही, जो भी लोग कालाबाजारी, मिलावट, मिस ब्रांडिंग या नकली उर्वरक के अवैध कारोबार में लिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि उर्वरक के अवैध परिवहन पर सख्त नियंत्रण रखने के लिए जिले से जिले तक होने वाले मूवमेंट पर विशेष नज़र रखी जाएगी। इसके साथ ही, गंभीर मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जाएगी।

शनिवार को मुख्यमंत्री निवास से सोयाबीन उपार्जन, खाद उपलब्धता और वितरण से जुड़े मुद्दों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर और कमिश्नरों से चर्चा करते हुए उन्होंने ये निर्देश जारी किए।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा कि वे राजस्व अमले को जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर फसलों के नुकसान का आकलन सुनिश्चित करने के निर्देश दें। यदि खाद भंडारण के लिए डबल लॉक की आवश्यकता हो, तो कृषि उत्पादन आयुक्त से समन्वय कर इसे तुरंत लागू किया जाए। अमानक खाद-बीज के विक्रय, भंडारण और परिवहन पर भी कड़ी निगरानी रखते हुए तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रबी 2024-25 के लिए उर्वरक वितरण के समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं, ताकि खरीफ 2024 के समय की स्थिति को ध्यान में रखकर आवश्यक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदेश में रबी 2024-25 के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। इसके लिए सभी कलेक्टरों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की खामी न हो, और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर काम किया जाए। इसके अतिरिक्त, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट की मांग के अनुसार मालवा क्षेत्र में उर्वरक के 3 और रैक उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

खाद के व्यवस्थित वितरण को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को डबल लॉक केन्द्रों पर अतिरिक्त बिक्री काउंटर खोलने का भी निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोयाबीन उपार्जन के संबंध में प्राइस सपोर्ट स्कीम को पूरी संवेदनशीलता से लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के अलावा प्रदेश सरकार भी अतिरिक्त सोयाबीन का उपार्जन करेगी। 25 सितम्बर से किसानों के पंजीकरण की प्रक्रिया ई-उपार्जन पोर्टल पर प्रारंभ हो गई है, और अधिक से अधिक किसानों को इस पोर्टल पर पंजीकृत करने का आग्रह किया गया है। 20 अक्टूबर तक पंजीकरण की यह प्रक्रिया चलेगी, इसके बाद 21 दिसम्बर तक उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की जाएगी।

किसानों से सोयाबीन की खरीद 25 अक्टूबर से 31 दिसम्बर 2024 तक प्रदेश के 1400 केन्द्रों पर की जाएगी, जिसमें आवश्यकतानुसार बदलाव भी संभव है। सभी किसानों को भुगतान ऑनलाइन किया जाएगा। प्रदेश के दतिया, भिंड, कटनी, मंडला, बालाघाट, सीधी एवं सिंगरौली को छोड़कर सभी अन्य जिलों में सोयाबीन का उपार्जन किया जाएगा। इन जिलों से प्रस्ताव आने पर उपार्जन पर विचार किया जाएगा।

बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा, कृषि उत्पादन आयुक्त मोहम्मद सुलेमान, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव परिवहन एस.एन. मिश्रा, अपर मुख्य सचिव कृषि अशोक वर्णवाल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय संजय शुक्ला, सचिव एवं आयुक्त कृषि एम. सेल्वेन्द्रन, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम पी. खाड़े, संचालक कृषि अजय गुप्ता और एमपी मार्कफेड के आलोक कुमार सिंह उपस्थित थे। वहीं, कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित अन्य जन-प्रतिनिधियों ने बैठक में वर्चुअल सहभागिता की।

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