जबलपुर/अक्षर सत्ता । नगर निगम जबलपुर ने इस वित्तीय वर्ष में रिकॉर्डतोड़ राजस्व वसूली कर इतिहास रच दिया है। निगम की प्रभावी नीतियों, बेहतर प्रशासनिक प्रयासों और नागरिकों की जागरूकता के चलते इस वर्ष नगर निगम के खजाने में 2 अरब 53 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हुई है, जो अब तक की सर्वाधिक वसूली मानी जा रही है।
करदाताओं की भागीदारी से हुआ ऐतिहासिक संग्रह
नगर निगम द्वारा शहर के सभी हिस्सों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने से नागरिकों में कर चुकाने की प्रवृत्ति बढ़ी है। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन रात 9 बजे तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हुई, जो कि बीते वर्षों की तुलना में एक नया रिकॉर्ड है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’, नगर निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव और राजस्व प्रभारी डॉ. सुभाष तिवारी के नेतृत्व में नगर निगम की पूरी टीम का योगदान सराहनीय रहा।
विशेष अभियान से मिली सफलता
नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए इस वर्ष महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ और निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव ने विशेष प्रयास किए। शहर के बड़े करदाताओं से व्यक्तिगत संवाद कर उन्हें बकाया करों का भुगतान करने के लिए प्रेरित किया गया। इस रणनीति के तहत एक ही दिन में 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूल की गई।
प्रमुख वसूली आंकड़े
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संपत्तिकर – 9 करोड़ रुपये से अधिक
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डोर-टू-डोर शुल्क – 12 लाख रुपये से अधिक
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जलशुल्क – 50 लाख रुपये से अधिक
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अन्य मदों से – 36 लाख रुपये से अधिक
बकाया करों पर अब लगेगा दोगुना शुल्क
नगर निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 अप्रैल से करों की बकाया राशि दोगुनी हो जाएगी, और आगामी लोक अदालत में भी कर राहत की सुविधा नहीं मिलेगी। ऐसे में नगर निगम ने करदाताओं से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने करों का भुगतान करें ताकि भविष्य में अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचा जा सके।
नगर निगम की इस ऐतिहासिक वसूली से शहर में आगामी दिनों में विकास कार्यों को और गति मिलने की संभावना है। प्रशासन ने जनता को आश्वस्त किया है कि करों से प्राप्त राशि का उपयोग शहर के विकास, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा।
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