जबलपुर/अक्षर सत्ता । बच्चों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए आंगनवाड़ियों में ‘पोषण भी-पढ़ाई भी’ प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को नवजात से लेकर 3 वर्ष तक के बच्चों के सीखने-समझने की प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे उनकी बौद्धिक क्षमताओं को प्रारंभिक स्तर से ही विकसित किया जा सके।
जिला कार्यक्रम अधिकारी मनीष सेठ ने बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार और कलेक्टर दीपक सक्सेना के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम जबलपुर जिले में संचालित किया जा रहा है। इसी कड़ी में परिवार कल्याण केंद्र, इंदिरा मार्केट में शहरी परियोजना क्रमांक-3 के अंतर्गत द्वितीय चरण का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इससे पहले 24 से 26 मार्च तक प्रथम चरण का प्रशिक्षण आयोजित किया गया था।
खेल-खेल में होगी शाला पूर्व तैयारी
कार्यक्रम के दौरान 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए सहज और सरल तरीकों से शाला पूर्व तैयारी कराने पर जोर दिया गया। बच्चों की रुचि और समझ के अनुरूप गतिविधियों को खेल-खेल में जोड़कर उन्हें सीखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
परियोजना अधिकारी वीकेश राय ने प्रशिक्षण के दौरान पोषण और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। मास्टर ट्रेनर सुरभि तिवारी, लता नेताम, मणि शर्मा और जहां आरा ने प्रशिक्षणार्थियों को ईसीसीई (प्रारंभिक बचपन देखभाल और शिक्षा) गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान पीपीटी, वीडियो, प्रोजेक्टर, स्क्रीन और स्पीकर का उपयोग करके आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को बेहतर तरीके से समझाया गया।
बच्चों की मस्तिष्क विकास दर को परखने और उनकी ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए क्विज जैसी इंटरैक्टिव गतिविधियों को भी शामिल किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देना है, जिससे वे आगे की शिक्षा के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें।
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