जबलपुर। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा वन सुरक्षा समितियों के अधिकार समाप्त कर वनों की सुरक्षा निजी एजेंसियों को सौंपने के निर्णय का विरोध शुरू हो गया है। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने इस फैसले के खिलाफ पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपा। जबलपुर में भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय का कड़ा विरोध किया और बरगी तहसील कार्यालय में तहसीलदार के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे कांग्रेस नेता
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय सचिव विवेक अवस्थी, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष चमन राय, जबलपुर प्रभारी संतोषी साहू, कमला पटेल, बरगी कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष संतोष चौकसे, जिला पंचायत सदस्य मुन्नी बाई समेत कांग्रेस संगठन के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी
इस विरोध कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता बबलू सिंह राजपूत, शरद सिंह गौर, विकास खन्ना, बम बम तिवारी, दुर्गा शंकर पांडे, बेनी सिंह आर्मो, अमर भवेदी, आदिवासी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष किशोरी लाल, दुष्यंत गौर, युवा कांग्रेस जिला सचिव पंकज परस्ते, आकाश सैनी, शुभम साहू सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सरकार के फैसले का विरोध क्यों?
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वन सुरक्षा समितियां ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की भागीदारी से संचालित होती हैं, जिससे वनों की प्राकृतिक सुरक्षा बनी रहती है। लेकिन सरकार ने अब इन समितियों को भंग कर वन सुरक्षा का जिम्मा निजी कंपनियों को सौंपने का फैसला लिया है, जिससे जंगलों के व्यावसायिक दोहन का खतरा बढ़ जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार अपने निर्णय को वापस नहीं लेती, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
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