भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जीवन में रोटी, कपड़ा और मकान के अलावा भी कई ऐसी आवश्यकताएँ होती हैं, जिनके लिए आर्थिक सहायता की जरूरत पड़ती है। बीमारी, प्रसूति, दिव्यांगता या परिवार के किसी सदस्य के निधन जैसे कठिन समय में संबल योजना जरूरतमंदों को सहारा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों और श्रमिक वर्ग के कल्याण के लिए पूरी तरह से संकल्पित है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के अंतर्गत प्रदेश के 23,162 श्रमिक परिवारों के खातों में 505 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। इस अवसर पर उन्होंने पाँच हितग्राहियों से वर्चुअली संवाद कर उनके परिजन के निधन पर संवेदनाएँ प्रकट कीं। कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल सहित प्रदेशभर के जनप्रतिनिधि और हितग्राही वर्चुअली जुड़े।
परिश्रम करने वाले श्रमिक ही प्रदेश की नींव: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रमिक परिश्रम के बल पर अपने परिवार का जीवन संवारते हैं और प्रदेश के विकास की नींव रखते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई के लिए पर्याप्त व्यवस्था कर रही है। मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी और लैपटॉप देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि वे आने वाले भविष्य को बेहतर बना सकें। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार शुचिता, पारदर्शिता और दक्षता के साथ जनकल्याण और विकास के लिए कार्य कर रही है।
अब तक 6.58 लाख से अधिक परिवारों को मिला लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक संबल योजना के तहत 6 लाख 58 हजार से अधिक परिवारों को 5,927 करोड़ रुपये का लाभ दिया जा चुका है। सरकार ने गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स को भी असंगठित श्रमिक मानते हुए 1 मार्च 2024 से योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर सभी संबल हितग्राहियों को "आयुष्मान भारत निरामयम योजना" में जोड़ा गया है। गर्भवती श्रमिक महिलाओं को आर्थिक सहयोग देने के लिए सरकार 16,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान कर रही है।
हितग्राहियों को मिली राहत, नई राह पर बढ़ रहे लोग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस योजना के तहत मंदसौर की श्रीमती अंजली रैकवार को 4 लाख रुपये, जबकि अन्य चार हितग्राहियों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। अंजली रैकवार ने बताया कि इस सहायता से उन्हें सहारा मिला और वे अब ब्यूटी पार्लर का काम सीख रही हैं।
इसी तरह, शहडोल की मन्नू ढीमर ने बताया कि वे किराना दुकान चला रही हैं, जबकि दतिया की कल्लन वाल्मीकि, सीहोर की शिव कुमारी और खरगोन की प्रेमलता कर्मा ने कहा कि संबल योजना से मिली सहायता से परिवार की देखभाल और बच्चों की शिक्षा में मदद मिली है।
जरूरतमंदों के लिए वरदान बनी संबल योजना: मंत्री पटेल
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने संबल योजना को जरूरतमंदों की सच्ची मददगार योजना बताया। उन्होंने कहा कि 2018 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 5,927 करोड़ रुपये का लाभ हितग्राहियों को दिया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि कई जिलों में आज हितग्राहियों को 10 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की गई है। प्रति माह औसतन 3,500 मामलों का निराकरण संबल योजना के तहत किया जाता है।
जनता से योजनाओं से जुड़ने का आह्वान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से लाड़ली बहना योजना, आयुष्मान योजना, खाद्यान्न पर्ची, उज्ज्वला योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि हर परिवार सुख-समृद्धि और आनंद के साथ जीवन व्यतीत कर सके।
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