जबलपुर। गोलबाजार स्थित शहीद स्मारक प्रांगण में 25 मार्च से 5 अप्रैल तक आयोजित बारह दिवसीय पुस्तक मेला न केवल बच्चों और अभिभावकों को उनकी पसंदीदा शैक्षणिक सामग्री खरीदने का सुनहरा अवसर प्रदान कर रहा है, बल्कि यह बच्चों की प्रतिभा को निखारने का भी मंच साबित हो रहा है।
पुस्तक मेले में स्कूली बच्चों के लिए पाठ्य पुस्तकें, कॉपियां, यूनिफॉर्म और स्कूल बैग रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे अभिभावकों को आर्थिक रूप से राहत मिली है। यह मेला प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक, जबकि शनिवार और रविवार को दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहेगा।
दूसरे दिन पुस्तक मेले में बड़ी संख्या में बच्चों और अभिभावकों की भीड़
मेले के दूसरे दिन बुधवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने किताबें, कॉपियां और यूनिफॉर्म खरीदीं। इस अवसर पर बाल कलाकारों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं, जिनमें कत्थक नृत्य, पारंपरिक नृत्य और गायन प्रमुख आकर्षण रहे।
इस दौरान मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र जामदार ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की सफलता को देखते हुए इस वर्ष पुस्तक मेले को और अधिक भव्य रूप दिया गया है।
शिक्षा के साथ मनोरंजन का संगम
पुस्तक मेले में बिलाबॉन्ग स्कूल की छात्राओं ने पारंपरिक गीतों पर कत्थक नृत्य प्रस्तुत किया, जो दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहा। रानी दुर्गावती कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य एवं केंद्रीय विद्यालय जीसीएफ नंबर-1 की छात्रा प्रारची पासवान की प्रस्तुति ने भी सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
रियायती दरों पर उपलब्ध पुस्तकें और कॉपियां, अभिभावकों को मिली राहत
मेले में मदन महल निवासी उमेश मिश्रा अपनी बेटी के लिए किताबें खरीदने पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने बाजार से कक्षा दूसरी की किताबें 4,000 रुपए में खरीदी थीं, जबकि इस वर्ष पुस्तक मेले से कक्षा तीसरी की किताबें मात्र 730 रुपए में मिल गईं। इतनी बड़ी छूट मिलने से वे बेहद प्रसन्न नजर आए और इस आयोजन के लिए कलेक्टर दीपक सक्सेना का आभार व्यक्त किया।
इसी तरह, बिलहरी निवासी श्रीमती रेखा पासी ने कहा कि अप्रैल का महीना अभिभावकों के लिए भारी खर्च का होता है, लेकिन पुस्तक मेले की वजह से स्कूल की सारी जरूरी चीजें किफायती दामों पर एक ही जगह उपलब्ध हो रही हैं, जिससे बजट संतुलित रखने में मदद मिल रही है।
गंगा नगर गढ़ा की रश्मि नामदेव ने कहा कि सिर्फ खरीददारी ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद भी इस पुस्तक मेले को खास बना रहा है। बच्चों को अपनी कला प्रदर्शित करने का एक बेहतरीन मंच मिला है, जिससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।
एक ही जगह सारी किताबें उपलब्ध, अभिभावकों को राहत
गोराबाजार निवासी निकिता विनोदिया ने कहा कि अक्सर चुनिंदा दुकानों पर सभी किताबें उपलब्ध नहीं होतीं, जिससे अभिभावकों को बार-बार बाजार के चक्कर लगाने पड़ते हैं। लेकिन पुस्तक मेले में यदि किसी स्टॉल पर कोई पुस्तक नहीं मिलती, तो वह आसानी से दूसरे स्टॉल पर उपलब्ध हो जाती है, जिससे समय की बचत होती है।
उन्होंने कहा कि डिस्काउंट की वजह से अभिभावक बच्चों के साथ स्वादिष्ट व्यंजनों का भी आनंद ले सकते हैं। उन्होंने इस शानदार आयोजन के लिए जिला प्रशासन और कलेक्टर दीपक सक्सेना के प्रति आभार व्यक्त किया।
संस्कारधानी में पुस्तक मेले को मिली शानदार प्रतिक्रिया
इस पुस्तक मेले ने अभिभावकों और विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और मनोरंजन का एक अनूठा संगम प्रस्तुत किया है। इसके माध्यम से जहां स्कूली छात्रों को कम कीमत में जरूरी शैक्षणिक सामग्री मिल रही है, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए उनकी प्रतिभा भी निखर रही है। संस्कारधानी जबलपुर में इस तरह के आयोजनों से शिक्षा को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ अभिभावकों को आर्थिक रूप से भी राहत मिल रही है।
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