जबलपुर/अक्षर सत्ता। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर श्रद्धालु माताएं और बहनें गहरी आस्था के साथ उपवास रखकर नंगे पैर देवी मंदिरों, विशेष रूप से खेरमाई एवं मां भगवती के मंदिरों में, सुबह 4 बजे से ही जल अर्पित करने के लिए एकत्रित होती हैं। इस धार्मिक परंपरा को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए कांचघर दशहरा चल समारोह समिति ने जिला प्रशासन का ध्यान मंदिर परिसरों की स्वच्छता और सुरक्षा की ओर आकर्षित किया है।
स्वच्छता और सुरक्षा के लिए प्रमुख मांगें
समिति के पदाधिकारियों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि मंदिर परिसरों के आसपास सफाई की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, खुली नालियों को ढकने के लिए वैकल्पिक उपाय किए जाएं और देवी मंदिरों के आस-पास चूने से सीमांकन कर स्वच्छता का ध्यान रखा जाए।
गंदगी को रोकने के लिए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जाए और भारी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला पुलिस बल की तैनाती की जाए। विशेष रूप से, सुबह 4 बजे से जल चढ़ाने आने वाली माताओं और बहनों की सुरक्षा के लिए पुलिस गश्त और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की मांग रखी गई है।
इसके अतिरिक्त, मंदिर परिसरों के समीप मांस और मदिरा की दुकानों को पूरी तरह से ढककर रखने के निर्देश देने की भी मांग की गई है ताकि धार्मिक माहौल की पवित्रता बनी रहे।
समिति के पदाधिकारियों की प्रमुख भूमिका
इस मांग को लेकर कांचघर दशहरा चल समारोह समिति के प्रमुख सदस्य सरमन रजक, एडवोकेट सुधीर शर्मा, डॉ. रामाकांत रावत, मुरलीधर राव, मुन्ना ठाकुर, अतुल गुप्ता, भारत मंगलानी, राजेश मंझार, दीपक ठाकुर, संजू भोजक, नारायण रजक, मनोज चौरसिया, विक्की विश्वकर्मा, निक्की बेन, राहुल श्रीवास, जालिम सिंह ठाकुर, राजेश पराग, दिलीप रैकवार, महेश रजक, सुनील तिवारी, प्रहलाद रजक, गुड्डू झा, गिरीश मास्टर और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने जिला प्रशासन से नवरात्रि से पहले सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने की अपील की है।
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