जबलपुर, अक्षर सत्ता। चंडालभाटा क्षेत्र एवं ट्रांसपोर्ट नगर से जुड़े समस्त प्रकरण, जो अभी परीक्षण प्रक्रिया में हैं, उन पर विधि के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव ने अधिकारियों के साथ समीक्षा की । इनमें मुख्यतः खाली भूखंड के लीजधारी, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े हितधारी, अनधिकृत कब्जाधारी एवं ऐसे प्रकरण सम्मिलित थे, जिनमें उच्च न्यायालय जबलपुर एवं जबलपुर संभागीय न्यायालय ने दावों को स्वीकृत अथवा अस्वीकृत किया है। निगमायुक्त ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्यवाही विधिक प्रक्रिया के तहत ही की जाए एवं पात्र व्यवसायियों को शीघ्र राहत प्रदान की जाए।
बैठक के दौरान निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लीजधारकों को विधिवत नोटिस प्रदान किए जाएं, अवैध कब्जाधारियों से अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा न्यायालय द्वारा स्वीकृत दावों के अनुरूप अचल संपत्ति अंतरण नियम 2016 के तहत अग्रिम कार्रवाई की जाए।
निगमायुक्त ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सभी प्रकरणों की शीघ्र जांच कर 10 दिनों के भीतर स्थल परीक्षण पूरा किया जाए। विशेष रूप से ऐसे मामलों में, जहां गोदामों का संचालन हो रहा है, वहां गैर-ट्रांसपोर्ट व्यवसायों की वैधता हेतु न्यायालय से मार्गदर्शन प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने उन प्रकरणों पर भी ध्यान केंद्रित किया, जिनमें उच्च न्यायालय की WP-29845/2024 के तहत गैर-ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों एवं ट्रांसफरीज को लीज हस्तांतरण की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे मामलों में ट्रांसफरीज से स्पष्टिकरण प्राप्त कर न्यायालय से मार्गदर्शन लेने के निर्देश जारी किए गए।
बैठक के दौरान निगमायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया कि स्थल परीक्षण के उपरांत समस्त प्रकरणों की आवश्यक अग्रिम कार्रवाई शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण की जाए। संपदा विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को इस पूरी प्रक्रिया में तेजी लाने की हिदायत दी गई।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर आयुक्त आर.पी. मिश्रा, सहायक आयुक्त अंकिता बर्मन, परीक्षण दल के सदस्य एवं तकनीकी विशेषज्ञ मनीष तड़से, आलोक शुक्ला, अनुपम शुक्ला एवं अभिषेक तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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