सौरभ शर्मा की जमानत पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, शासन-प्रशासन पर विफलता का आरोप


जबलपुर। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष (ओबीसी विभाग) टीकाराम कोष्टा ने परिवहन विभाग के सिपाही सौरभ शर्मा की जमानत को शासन-प्रशासन की बड़ी नाकामी करार दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के अमृतकाल में जब एक सरकारी कर्मचारी के पास से ₹11 करोड़ नगद और 50 किलो सोना बरामद हुआ हो, तब भी उसे जमानत मिल जाना व्यवस्था और प्रशासन की विफलता को दर्शाता है।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप

कांग्रेस नेता टीकाराम कोष्टा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता पक्ष द्वारा आरोपी को अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण देकर केस को कमजोर किया जा रहा है, जो कि लोकतंत्र के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी अपने कर्तव्यों का निष्पक्ष रूप से निर्वहन नहीं करेंगे और सत्ता के दबाव में कार्य करेंगे, तो प्रदेश की जनता का विश्वास प्रशासनिक तंत्र से उठ जाएगा

60 दिनों में चालान पेश क्यों नहीं हुआ?

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि सौरभ शर्मा के मामले में अब तक चार्जशीट दाखिल क्यों नहीं की गई? क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक दबाव है? उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अन्य नेताओं प्रदेश कोऑर्डिनेटर अलीम मंसूरी, डॉ. मोइन अंसारी, विजय अग्रवाल, अस्सू खान, मामूर गुड्डू, अशोक चौधरी, लखन श्रीवास्तव और पवन नामदेव ने भी इस प्रकरण में त्वरित जांच और दोषियों को दंडित करने की मांग की है।

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