जबलपुर, अक्षर सत्ता। नगर निगम द्वारा संचालित पं. लोकनाथ शास्त्री संस्कृत महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शास्त्री (बी.ए.) और आचार्य (एम.ए.) परीक्षाओं में प्रदेश की प्रावीण्य सूची में शीर्ष 10 स्थानों में स्थान पाकर जबलपुर ही नहीं, पूरे मध्यप्रदेश का मान बढ़ाया है। इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव, एम.आई.सी. सदस्य एवं पार्षदों ने छात्रों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपलब्धि
महापौर ने दी शुभकामनाएँ
महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि को महाविद्यालय के शिक्षकों और प्रशासन की मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षा के प्रति उनकी निष्ठा और महाविद्यालय के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का ही यह सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संस्कृत महाविद्यालय के छात्र भविष्य में सनातन धर्म के वैज्ञानिक स्वरूप को स्थापित करने और भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
शिक्षकों और महाविद्यालय प्रशासन की अहम भूमिका
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नर्मदा प्रसाद शर्मा, शिक्षा अधिकारी श्रीमती बीना वर्गीस, तथा आचार्यगण अजय शुक्ला, श्रीमती सपना बाथरे और श्रीमती शिखा भांगरे के मार्गदर्शन में छात्रों ने यह सफलता हासिल की। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. शर्मा ने महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया और संस्कृत शिक्षा को आगे बढ़ाने में उनके योगदान की सराहना की।
संस्कृत शिक्षा को नई दिशा देने का संकल्प
संस्कृत महाविद्यालय के छात्रों की इस सफलता से जबलपुर संस्कृत और वैदिक शिक्षा के केंद्र के रूप में उभर रहा है। महापौर ने आश्वासन दिया कि नगर निगम महाविद्यालय के छात्रों को नए पाठ्यक्रमों से जोड़कर उनकी शिक्षा को आधुनिकता से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।
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