नई दिल्ली। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बुधवार को एक सभा में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के नेताओं के पैर छूने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वे इसके योग्य नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें केवल अपने माता-पिता और चाचा के आशीर्वाद की आवश्यकता है और वे इसी से संतुष्ट हैं।
युवा कार्यकर्ताओं को दी नसीहत
यह बयान उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की युवा शाखा की एक रैली के दौरान दिया। बीड जिले के अपने एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे अजित पवार ने पार्टी कार्यकर्ताओं को सख्त लहजे में फटकार लगाई, जब उन्होंने उन्हें मालाएं, शॉल और स्मृति चिह्न भेंट करने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, "मुझे इन चीजों की कोई जरूरत नहीं है। मैं सिर्फ आपका प्यार और सम्मान चाहता हूं। मेरे पैर मत छूइए, क्योंकि आजकल के नेता इस योग्य नहीं हैं।" उन्होंने आगे कहा, "मुझे अपने माता-पिता और चाचा के आशीर्वाद से शक्ति मिलती है। मैं सिर्फ आपसी प्रेम और आदर चाहता हूं।"
राजनीतिक पृष्ठभूमि और बगावत
गौरतलब है कि अजित पवार की बगावत के चलते 1999 में शरद पवार द्वारा स्थापित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का विभाजन हो गया था। जुलाई 2023 में उन्होंने पार्टी का अलग गुट बना लिया और भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार में शामिल हो गए। इसके बाद उन्हें महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद सौंपा गया।
बयान पर मचेगा सियासी घमासान?
अजित पवार का यह बयान राजनीतिक हलकों में हलचल मचा सकता है। क्या यह टिप्पणी उनकी ही पार्टी या अन्य दलों के नेताओं पर कटाक्ष थी? इस पर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो सकती हैं।
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