भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी सीएम राइज स्कूलों का नाम बदलकर "सांदीपनि विद्यालय" करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह महत्वपूर्ण निर्णय "स्कूल चलें हम" राज्य स्तरीय प्रवेश उत्सव कार्यक्रम के दौरान लिया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार गणवेश, लैपटॉप, ई-स्कूटी, साइकिल और कोचिंग जैसी सुविधाएं देकर रामराज की कल्पना को साकार कर रही है।
विद्यार्थियों से संवाद और प्रेरणादायक उदाहरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के दौरान स्कूल पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया और उनकी बनाई चित्रकला प्रदर्शनी देखी। उन्होंने केजी-2 में प्रवेश लेने वाली बच्चियों को माला पहनाकर स्कूल में प्रवेश की औपचारिकता पूरी करवाई और उन्हें उपहार दिए। मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह स्वयं शासकीय विद्यालय में पढ़कर यहां तक पहुंचे हैं और कठिन परिश्रम से सफलता प्राप्त करने के कई प्रेरणादायक उदाहरण भी दिए।
शिक्षा और निवेश को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नए उद्योगों की स्थापना हो रही है, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उद्योगपतियों ने 60% से अधिक निवेश करने में रुचि दिखाई है। राज्य सरकार उद्योगों को भूमि और अन्य सुविधाएं समय पर उपलब्ध करवा रही है।
निःशुल्क पुस्तकें और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं
शिक्षा के क्षेत्र में हुए विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 5.60 करोड़ पाठ्यपुस्तकें, 1 करोड़ अभ्यास पुस्तिकाएं और 26 लाख ब्रिज कोर्स पुस्तकें निःशुल्क वितरित की जा रही हैं। इसके अलावा, 4.75 लाख छात्रों को साइकिल, 7,832 विद्यार्थियों को ई-स्कूटी, 360 करोड़ की गणवेश सहायता और 224 करोड़ की लैपटॉप योजना से लाभान्वित किया गया है।
शिक्षा के माध्यम से समृद्धि की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र देते हुए कहा कि समय का सदुपयोग करें, खूब पढ़ें और खेलें, मित्रता का सम्मान करें और शासन की सुविधाओं का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देकर विद्यार्थियों को सच्ची दोस्ती निभाने की प्रेरणा दी।
विद्या समीक्षा केंद्र से शिक्षा की निगरानी
मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश में विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से शैक्षणिक डेटा का विश्लेषण कर योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इससे शिक्षा प्रणाली की सम्पूर्ण निगरानी मजबूत हुई है और शिक्षकों को डेटा-आधारित निर्णय लेने में सहायता मिल रही है।
प्रदेश के भविष्य को समर्पित सरकार
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार विद्यार्थियों को समय पर पाठ्यपुस्तकें, साइकिल और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि सरकार उद्योगों के विकास से विद्यार्थियों के भविष्य को सशक्त बनाने का प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर नगर निगम अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
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