भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश एक नए युग की ओर अग्रसर है और सरकार की सकारात्मक नीतियों ने उद्योग जगत में विश्वास की नई लहर पैदा की है। उन्होंने कहा कि उद्यमियों और व्यापारियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में सभी बाधाएं हटा दी गई हैं। सरकार उद्योग स्थापना से लेकर उसके संचालन तक हर संभव सहायता देगी और आवश्यक प्रोत्साहन भी प्रदान करेगी।
डॉ. यादव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा एक निजी होटल में आयोजित "उद्योग निवेश सब्सिडी वितरण समारोह" में बोल रहे थे।
उद्योगपतियों को 1778 करोड़ की सब्सिडी हस्तांतरित
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 2500 से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को 1075 करोड़ रुपये और वृहद उद्योगों को 703 करोड़ रुपये की सब्सिडी सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की।
उन्होंने कहा, "उद्यमियों का बढ़ता उत्साह हमारी असली पूंजी है। जीआईएस (ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट) से प्रदेश को जबरदस्त प्रतिसाद मिला है, और हर निवेशक का यहां स्वागत व सम्मान है।"
औद्योगिक विकास के लिए नई नीति और बड़े कदम
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने नई औद्योगिक नीति तैयार की है, जिससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई मिलेगी। उन्होंने कहा कि भोपाल में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
राज्य सरकार अब संभागीय स्तर पर औद्योगिक इकाइयों का भूमि-पूजन और लोकार्पण कर रही है, जिससे उद्योगों को शीघ्र प्रारंभ करने में सहायता मिलेगी।
नए उद्योगों के लिए सरकार का संकल्प
डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने पहली बार संभावित निवेश अवसरों की पहचान कर सात रीजनल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित कीं, जिनसे देश-विदेश के उद्योगपतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उद्योगपतियों को निवेश के लिए प्रेरित किया गया और उन्होंने मध्यप्रदेश को निवेश के लिए उपयुक्त स्थान बताया।
"विकसित भारत 2047" के लक्ष्य के अनुरूप बजट दोगुना करने की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के "विकसित भारत 2047" संकल्प के तहत राज्य सरकार अगले पांच वर्षों में मध्यप्रदेश के बजट को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
2025-26 के लिए 4 लाख 21 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया है, जिसमें औद्योगिक विकास के लिए राशि को डेढ़ गुना बढ़ाया गया है।
27 अप्रैल को इंदौर में आईटी सेक्टर कॉन्क्लेव
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब जिला स्तर पर विभिन्न उद्योगों के लिए इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए जाएंगे, जिसकी शुरुआत 27 अप्रैल को इंदौर में आईटी सेक्टर कॉन्क्लेव से होगी।
प्रदेश के बाहर के निवेशकों को आकर्षित करने के लिए रोड-शो आयोजित किए जाएंगे और राज्य के सभी 10 संभागों में उद्योगों के भूमि-पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम होंगे।
"सबका साथ, सबका विकास" की नीति पर अमल
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हो चुकी है।
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री जो कहते हैं, उसे करके भी दिखाते हैं। मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था तेज़ी से आगे बढ़ रही है, और सरकार हर उद्योगपति को सहयोग दे रही है।"
31 मार्च 2025 तक की सभी अदायगी का एकमुश्त भुगतान
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि देश में पहली बार उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए 31 मार्च 2025 तक की सभी अदायगियां एक साथ की जा रही हैं।
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उद्योगों की स्थापना की गति तेज़ हुई है और युवाओं को रोज़गार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।"
नई औद्योगिक योजनाओं से निवेशकों में उत्साह
वॉल्वो-आयशर कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड के सीईओ बी. श्रीनिवासन ने सरकार की उद्योग-हितैषी नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि "मध्यप्रदेश सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं से निवेशकों को बड़ी सहायता मिल रही है।"
उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी उज्जैन में नया प्लांट स्थापित करने की योजना बना रही है और भोपाल में इलेक्ट्रिक ट्रक निर्माण इकाई पहले ही शुरू हो चुकी है।
महिला कर्मचारियों के लिए विशेष सुविधाएं
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में पहली बार महिला कामगारों के लिए उद्योग परिसरों में ही हॉस्टल बनाने की योजना शुरू की गई है।
ये हॉस्टल उज्जैन, पीथमपुर, मालनपुर, झाबुआ और देवास के औद्योगिक क्षेत्रों में बनाए जाएंगे, जिससे महिलाओं को कार्यस्थल पर ही आवासीय सुविधाएं मिलेंगी।
उद्योग जगत से मिले सकारात्मक संकेत
वर्धमान ग्रुप के डायरेक्टर टी.सी. गुप्ता ने बताया कि उनकी कंपनी ने मध्यप्रदेश में 3,000 करोड़ रुपये का नया निवेश करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा, "राज्य सरकार ने निवेशकों के बीच भरोसे का माहौल बनाया है। उद्योगों को हरसंभव सहयोग मिल रहा है, जिससे मध्यप्रदेश देश का प्रमुख औद्योगिक हब बनता जा रहा है।"
समारोह में कई उद्योगपति और अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर विधायक भगवानदास सबनानी, सागर ग्रुप के एमडी सिद्धार्थ अग्रवाल, एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला सहित प्रदेश के नामी उद्योगपति, कारोबारी, उद्योग संघों के पदाधिकारी और निवेशक उपस्थित रहे।
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